कैम्ब्रिज स्कूल के चेयरमैन श्री संजीव शर्मा बोले, “मैं खुशनसीब हूँ… मुझको आप सबका प्यार मिला” — एक सपना जो हकीकत बन गया

Dr. Sushma Sood, Lead Gynaecologist

DENTAL RADIANCE HOSPITAL
Dr. Swati Katoch Sood, & Dr. Anubhav Sood, Gems of Dental Radiance
DENTAL RADIANCE
DENTAL RADIANCE HOSPITAL PALAMPUR TOUCHING SKY
Rotary
Dr Shiv Kumar, Father of Rotary Eye Hospiral, Internationally acclaimed Social Worker & Founder CHAIRMAN, Rotary Eye Foundation
ROTARY EYE HOSPITAL MARANDA
Dr. Sudhir Salhotra, TOP TEN Retina Surgeon of India, Director, Rotary Eye Hospital, Maranda
ROTARY EYE HOSPITAL : THE VEST EYE HOSPITAL IN HIMACHAL PRADESH
RAGHAV SHARMA, GM, Rotary Eye Hospital, Maranda
Rotary Eye Hospital Maranda Palampur

💐कैम्ब्रिज स्कूल के चेयरमैन श्री संजीव शर्मा बोले, “मैं खुशनसीब हूँ… मुझको आप सबका प्यार मिला” — एक सपना जो हकीकत बन गया

👍पालमपुर
राजेश सूर्यवंशी
एडिटर-इन-चीफ

RAJESH SURYAVANSHI, Editor-in-Chief, HR Media Group, Founder Chairman Mission Against Corruption Society, H.P. Mob 9418130904

“लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती…
कोशश करने सालों की हार नहीं होती।”

शिक्षा के क्षेत्र में कभी एक नया नाम रहा Cambridge International School Palampur आज एक सशक्त पहचान बन चुका है। यह सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसे सपने की दास्तान है जो संघर्ष, विश्वास और समर्पण से साकार हुआ।

पालमपुर, जिसे निजी स्कूलों का हब माना जाता है, वहां शुरुआत में कई लोगों ने सवाल उठाए थे—“जहां पहले से इतने बड़े-बड़े निजी विद्यालय हैं, वहां कैम्ब्रिज कैसे चलेगा?” लेकिन इन सवालों के बीच भी एक विश्वास था, एक जिद थी—कुछ अलग और बेहतर करने की।

संस्थापक चेयरमैन Sanjiv Sharma ने भावुक होते हुए कहा, “मैं सच में खुशनसीब हूँ कि मुझे आप सबका इतना प्यार और विश्वास मिला। जब हमने शुरुआत की थी, तब चुनौतियां बहुत थीं, लेकिन हमारा उद्देश्य साफ था—बच्चों को बेहतरीन, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा देना, और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना।”

उन्होंने आगे कहा कि यह संस्थान सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि सपनों को उड़ान देने का मंच है। “हमने हमेशा ईमानदारी और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी। आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, विशाल खेल मैदान, सुसज्जित ऑडिटोरियम और समर्पित शिक्षकों की टीम—इन सबके माध्यम से हमने बच्चों के सर्वांगीण विकास का वातावरण तैयार किया।”

“इरादे नेक हों तो सपने साकार होते हैं…
अगर सच्ची लगन हो तो रास्ते आसां होते हैं…”

सिर्फ 10 वर्षों में ही कैम्ब्रिज ने नाम, शान और गुणवत्ता के हर पैमाने पर अपनी अलग पहचान बना ली है। आज यह स्थिति है कि एडमिशन के लिए अभिभावकों में होड़ मची रहती है और स्कूल छात्रों-अभिभावकों की पहली पसंद बन चुका है।

चेयरमैन ने भावुक शब्दों में कहा, “यह सिर्फ मेरी नहीं, हम सभी की सफलता है। अभी तो यह शुरुआत है—मंजिलें और भी हैं, कारवां और भी है। हमें और आगे बढ़ना है, और बेहतर करना है।”

अंत में उन्होंने अपने जज़्बात इन पंक्तियों में बयां किए—
“ख्वाब जो देखा था, आज हकीकत बन गया,
हर मुश्किल से लड़कर ये सफर आसान बन गया,
आपके विश्वास ने दी है मुझे ये ताकत,
कैम्ब्रिज अब एक नाम नहीं, एक पहचान बन गया।”

यह कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों और नीयत साफ हो, तो कोई भी सपना हकीकत बनने से नहीं रुकता।

वह भावुक होकर अपनी वाणी को विश्राम देते हुए कहते हैं…

कोशिशों की इस राह में, हमने भी कदम बढ़ाए हैं,
हर मुश्किल से लड़ते हुए, नए मुकाम बनाए हैं,
आपके विश्वास ने ही हमें यहाँ तक पहुँचाया है,
कैम्ब्रिज का हर सपना आज हकीकत बन पाया है।
अभी सफर लंबा है, अभी उड़ान बाकी है,
हर बच्चे के भविष्य में, हमारी पहचान बाकी है,
मिलकर साथ चलेंगे तो इतिहास नया रच जाएगा,
कैम्ब्रिज का नाम एक दिन शिखर तक पहुँच जाएगा।
— Sanjiv Sharma

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