




मोबाइल और स्क्रीन से बचाएँ अपनी आँखें — डॉ. एस. के. शर्मा की सलाह

तारागढ़ (बैजनाथ)
डिजिटल युग में जहाँ हर चीज़ एक क्लिक पर उपलब्ध है, वहीं हमारी आँखों पर इसका प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। देवभूमि आई हॉस्पिटल, तारागढ़ के डायरेक्टर और वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. एस. के. शर्मा ने कहा कि आज सबसे बड़ा खतरा “डिजिटल स्ट्रेन” बन चुका है — यानी मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन की रोशनी से आँखों पर पड़ने वाला दबाव।
डॉ. शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बच्चों और युवाओं में निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) और ड्राई आई सिंड्रोम के मामले तेज़ी से बढ़े हैं।
“छोटे बच्चे दिनभर मोबाइल या टैबलेट पर गेम खेलते रहते हैं, जिससे उनकी आँखों की मांसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं। यह धीरे-धीरे स्थायी चश्मे की ज़रूरत में बदल सकता है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को खुले में खेलने और प्राकृतिक रोशनी में समय बिताने की आदत डालें। “प्राकृतिक धूप आँखों के लिए दवा जैसी है,” डॉ. शर्मा ने मुस्कराते हुए कहा।
डॉ. शर्मा ने बताया कि देवभूमि आई हॉस्पिटल में नियमित फ्री चेकअप कैम्प लगाए जाते हैं, जहाँ स्क्रीन से संबंधित बीमारियों की जांच और रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक उपलब्ध है।
उन्होंने सलाह दी कि हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार आँखों की जांच ज़रूर करवानी चाहिए, चाहे कोई समस्या महसूस हो या नहीं।
अंत में डॉ. शर्मा ने कहा —
“आँखें शरीर का सबसे सुंदर उपहार हैं, इनकी सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें, लेकिन आँखों की कीमत पर नहीं।”





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