ख़तरा!! 25000 जानें खतरे में डालीं BCCI व HPCA ने, राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम क्रिकेट: धर्मशाला में BCCI और HPCA की घोर लापरवाही से उठे सवाल

धर्मशाला कैंट, योल कैंट, पालमपुर Holta कैंप हाई अलर्ट पर होने के बावजूद HPCA की घोर लापरवाही से हैरान हैं लोग

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25000 मासूमों की जान को खतरे में डाला BCCI व HPCA ने,

राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम क्रिकेट:

धर्मशाला में BCCI और HPCA की घोर लापरवाही से उठे सवाल

धर्मशाला, 8 मई

RAJESH SURYAVANSHI, Editor-in-Chief, HR Media Group, Founder Chairman Mission Against Corruption Society, H.P. Mob 9418130904

एक तरफ देश पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव की स्थिति से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कथित रूप से अपने आर्थिक हितों के चलते हजारों निर्दोष नागरिकों की जान जोखिम में डाल दी।

आज धर्मशाला स्थित HPCA स्टेडियम में आयोजित पंजाब किंग्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स के IPL मुकाबले में सुरक्षा को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया।

भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव (CONVENTIONAL WAR) के कारण कई संवेदनशील क्षेत्रों में ब्लैकआउट और हाई अलर्ट जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन HPCA स्टेडियम बिजली की तेज रोशनी में नहाया रहा — मानो यह दुश्मन के लिए एक खुला निमंत्रण हो।

सुरक्षा को लेकर जनता में भय और आक्रोश

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने बताया कि सुबह से ही धर्मशाला में भय का माहौल था। कई लोग घरों में ही रहे, सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और स्टेडियम की सीटें आधे से ज्यादा खाली रहीं। पार्किंग स्थल वीरान रहे। लोगों ने सवाल उठाया: क्या क्रिकेट आयोजनकर्ता जानबूझकर जनता की जान जोखिम में डाल रहे हैं?

राजनीतिक और सामाजिक हलकों से भी आलोचना

वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने इस आयोजन को “राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ क्रूर मज़ाक” करार दिया। उनका कहना है कि जब सेना चौकन्ना है और आम नागरिकों को सतर्क रहने को कहा जा रहा है, उस समय क्रिकेट जैसे भीड़-भाड़ वाले आयोजन से दुश्मन देश को अवसर मिल सकता है।

क्या आयोजनकर्ताओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनियों की अनदेखी की?

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही ऐसे आयोजनों के प्रति सतर्क रहने को कहा था, लेकिन बावजूद इसके HPCA और BCCI ने यह मैच आयोजित किया। यह सीधा-सीधा स्वार्थ हित और प्रशासनिक अंधेपन का संकेत है।

जनता की मांग: उच्च स्तरीय जांच और जवाबदेही

धर्मशाला सहित पूरे देश से मांग उठ रही है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए। दोषी अधिकारियों — चाहे वह HPCA, BCCI या स्थानीय प्रशासन के हों — को जवाबदेह ठहराया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्रालय से आग्रह किया जा रहा है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर तत्परता से कार्यवाही की जाए।

यह केवल क्रिकेट का मामला नहीं — यह राष्ट्रीय सुरक्षा, जनता की जान और जिम्मेदारी का सवाल है। HPCA जवाब दे देश को।

DMC

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