ब्रेकिंग न्यूज़ : कुलपति की नियुक्ति का रास्ता हुआ साफ़… हिमाचल  कृषि, बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय अधिनियम में बड़ा संशोधन — राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी

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हिमाचल 

कृषि, बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय अधिनियम में बड़ा संशोधन — राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी

RAJESH SURYAVANSHI, Editor-in-Chief, HR Media Group, Founder Chairman Mission Against Corruption Society, H.P. Mob 9418130904

 

हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश कृषि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2023 को आधिकारिक रूप से राजपत्र (ई-गजट) में प्रकाशित कर दिया है। यह अधिनियम अब अधिनियम संख्या 46 ऑफ 2025 के रूप में लागू हो गया है।

इस संशोधन बिल को पहले विधानसभा ने पारित किया था और उसके बाद अनुच्छेद 200 के तहत महामहिम राज्यपाल के अनुमोदन हेतु भेजा गया था। प्रारंभिक तौर पर 21 अक्टूबर 2025 को राज्यपाल ने बिल को विचारार्थ पुनर्विचार हेतु विधानसभा को वापस भेज दिया था। इसके बाद विधानसभा ने 19 नवंबर 2025 को बिना किसी संशोधन के पुनः बिल पारित कर दिया और दोबारा राज्यपाल के अनुमोदन के लिए भेजा। अब राज्यपाल ने बिल को अपनी सहमति प्रदान कर दी है, जिसके साथ ही अधिनियम औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।

अधिनियम के मुख्य प्रावधान:

1. उप-कुलपति की नियुक्ति में संशोधन –
अब उप-कुलपति की नियुक्ति कुलाधिपति द्वारा सरकार की सहायता और सलाह पर की जाएगी।
पहले की प्रक्रिया को हटाते हुए नया प्रावधान स्पष्ट रूप से नियमों के अनुरूप नियुक्ति सुनिश्चित करेगा।2. धारा 23 और 24 में परिवर्तन –
विभिन्न धाराओं में “सरकार की सहायता और सलाह पर” शब्द जोड़कर प्रशासनिक नियंत्रण और स्पष्टता को मजबूत किया गया है।3. नई धारा 55-A का समावेश – नियम बनाने की शक्ति
राज्य सरकार अब इस अधिनियम के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु नियम बना सकेगी और उन्हें राजपत्र में प्रकाशित कर सकेगी।
साथ ही, हर नियम को विधानसभा में रखा जाएगा और आवश्यक होने पर संशोधन या निरस्तीकरण किया जा सकेगा।

इसका प्रभाव:

इस संशोधन से विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक पारदर्शिता, सरकारी निगरानी, और शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली में स्पष्टता आने की उम्मीद है। उप-कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया में सरकार की भागीदारी बढ़ने से बेहतर समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसे राज्य के कृषि, बागवानी और वानिकी क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

यह एक बड़ी प्रशासनिक एवं शैक्षणिक सुधार की खबर है — और इसके प्रभाव आने वाले समय में स्पष्ट नजर आएंगे।

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