डॉ. शिव कुमार शर्मा — जिनकी नज़रों में सिर्फ इलाज नहीं, इंसानियत बसती है

Dr. Prem Raj Bhardwaj
BMH
Dr Sushama Sood
Dr. Sushma women care hospital, LOHNA PALAMPUR
DENTAL RADIANCE HOSPITAL
Dr. Swati Katoch Sood, & Dr. Anubhav Sood, Gems of Dental Radiance
DENTAL RADIANCE
DENTAL RADIANCE HOSPITAL PALAMPUR TOUCHING SKY

डॉ. शिव कुमार शर्मा — जिनकी नज़रों में सिर्फ इलाज नहीं, इंसानियत बसती है…

Byline

प्रवीण शर्मा, पालमपुर,

प्रिंसीपल (सेवा.)

Dr S K Sharma

तारागढ़, हिमाचल प्रदेश 

हर अस्पताल में डॉक्टर तो मिल जाते हैं, पर ऐसे डॉक्टर बहुत कम होते हैं जिनकी आंखों में मरीज के लिए स्नेह और दिल में सेवा का भाव झलकता हो। देवभूमि आई हॉस्पिटल के संस्थापक निदेशक डॉ. शिव कुमार शर्मा ऐसे ही दुर्लभ व्यक्तित्व हैं — जो पिछले पचास वर्षों से आंखों की नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगी में उजाला फैला रहे हैं।
Dr. S.K. SHARMA, DIRECTOR

डॉ. शर्मा का सफर किसी किताब के प्रेरक अध्याय जैसा है। साधारण परिवेश से निकलकर उन्होंने नेत्र-चिकित्सा के क्षेत्र में वो मुकाम हासिल किया, जहाँ आज पूरा प्रदेश गर्व करता है। पुराने दौर में जब मशीनें और लेज़र तकनीक दूर की बात थी, तब डॉ. शर्मा ने नंगे हाथों, अनुभव और संवेदनशील दृष्टि से हजारों मरीजों की आंखों की रोशनी लौटाई।

आज उनका देवभूमि आई हॉस्पिटल अत्याधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित डॉक्टरों और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, लेकिन डॉ. शर्मा अब भी उसी सादगी से हर मरीज से मिलते हैं जैसे कोई अपने परिवार के सदस्य से मिले। उनकी सबसे बड़ी खूबी है — “हर मरीज को इंसान की तरह देखना, केस नंबर की तरह नहीं।”
उनका मानना है कि “आंखों का इलाज सिर्फ मशीनों से नहीं, भरोसे और देखभाल से होता है।” यही वजह है कि दूर-दराज़ के गाँवों से भी लोग तारागढ़ आते हैं, क्योंकि उन्हें यकीन है कि डॉ. शर्मा से मिलने पर न केवल इलाज मिलेगा, बल्कि अपनापन भी।

डॉ. शर्मा का सपना है कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ इसलिए अंधकार में न रहे क्योंकि उसके पास इलाज का खर्च नहीं है। इसी सोच के चलते उन्होंने अस्पताल में आयुष्मान भारत, PMJAY और अब ECHS जैसी योजनाएँ लागू कीं, ताकि हर वर्ग को समान अवसर और सुविधा मिल सके।

उनके सहकर्मी और स्टाफ उन्हें “डॉक्टर नहीं, परिवार का मुखिया” कहते हैं। वह रोज़ सुबह मरीजों के बीच घूमते हैं, मुस्कुराते हैं और हालचाल पूछते हैं। यही मानवीय स्पर्श अस्पताल की पहचान बन चुका है।

डॉ. शर्मा कहते हैं —

> “मेरे लिए सबसे बड़ा इनाम वो क्षण होता है जब किसी की आंखों में दोबारा रोशनी लौटती है। वही पल मुझे याद दिलाता है कि डॉक्टर होना सिर्फ पेशा नहीं, एक व्रत है।”

देवभूमि आई हॉस्पिटल आज सिर्फ एक संस्थान नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और गुणवत्ता का प्रतीक बन चुका है — और इसके केंद्र में हैं डॉ. शिव कुमार शर्मा, जिनकी दृष्टि में हर आंख की रोशनी ही देश की असली संपत्ति है।

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