देश के कई राज्यों में बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) की लगातार हो रही मौतों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अधिकतर मामलों में परिवारों और शिक्षकों का कहना है कि अत्यधिक काम का बोझ और प्रशासनिक दबाव कर्मचारियों को मानसिक रूप से तोड़ रहा है।
गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के कोडिनार तालुका के छारा गांव में SIR का काम कर रहे BLO और शिक्षक अरविंद वाढेर (40) ने भी इसी मानसिक दबाव के चलते अपनी जान दे दी। उनके परिवार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से SIR के काम की वजह से वे अत्यधिक तनाव में थे।
आत्महत्या से पहले अरविंद बढ़ेर ने अपनी पत्नी को संबोधित एक भावुक सुसाइड नोट भी छोड़ा। इसमें उन्होंने लिखा:
“मुझसे अब यह SIR का काम नहीं हो सकेगा… मेरे बैग में SIR के सभी कागजात हैं, उन्हें स्कूल में जमा करवा देना। मुझे माफ करना मेरी प्रिय पत्नी संगीता और मेरे प्यारे बेटे…”
इस घटना के बाद स्थानीय शिक्षक संघ और शैक्षणिक संगठन एक बार फिर प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि SIR और BLO से जुड़े अतिरिक्त कार्यों के कारण शिक्षकों पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा है, जिससे लगातार मौतों की चिंताजनक स्थिति बन गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक 8 BLO कर्मचारियों की मौत भारी कार्यभार और तनाव के कारण हो चुकी है, जिससे पूरे शिक्षा तंत्र में रोष और बेचैनी फैली हुई है।
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