Browsing Tag

yoga day poem

कमलेश सूद : मन को बांधे,योग तन को भी साधे

मन को बांधे,योग तन को भी साधे विधा कविता योग नाम है जोड़ का, तोड़ है हर एक रोग का मन को बांधे, योग तन को भी साधे रोज़ है ब्रह्ममहूर्त में उठ जाएगा जो रोगी न रह पाएगा वह भय,रोग मुक्त,…
Read More...