बिना वैकल्पिक व्यवस्था के पालमपुर सिविल हॉस्पिटल से आधा दर्जन डाक्टरों के आदेश यह कैसा व्यवस्था परिवर्तन :- प्रवीन कुमार पूर्व विधायक …..

बिना वैकल्पिक व्यवस्था के पालमपुर होस्पीटल से आधा दर्जन डाक्टरों के आदेश यह कैसा व्यवस्था परिवर्तन :- प्रवीन कुमार पूर्व विधायक …..

Er. VARUN SHARMA, BUREAU CHIEF, PALAMPUR, Mob : 9817 999992

. सिविल होस्पीटल पालमपुर से एकाएक आधा दर्जन डाक्टरों के हाईर स्टडी पर जाने के आदेश जारी करने से पहले हैल्थ मिनिस्टर व विभाग के मुखिया को यहाँ वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी ।

यह प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा अव सरकार के इस तरह के व्यवस्था परिवर्तन के चलते पूरे होस्पीटल की ही व्यवस्था चर्मरा गई है। पूर्व विधायक ने माना कि इस घटना को डाक्टरों के तबादले से जोड़ कर नहीं देखना चाहिए बल्कि ये इनके हाईर स्टडी पर जाने के आदेश इनके उज्जवल भविष्य के साथ जुड़े है।

प्रवीन कुमार ने उदाहरण देते हुए कहा जव वह विधायक थे तो उस वक्त इसी होस्पीटल के सुप्रसिद्ध डाक्टर जय देश राणा जी के स्थानान्तरण आदेश कर दिये गये । संयोग से दो दिन बाद पालमपुर के बाईपास थ्रु ब्रिज का शिलान्यास था । जैसे ही शिलान्यास समारोह के दौरान तत्कालीन मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल जी से प्रभावित रोगियों के तामीर दार मिले तो प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल जी ने हैल्थ मिनिस्टर व विभाग मुखिया को खरी खोटी सुनाकर एवं डांट डपट के साथ तुरन्त प्रभाव से तबादला आदेश रध करवाये थे । ऐसे में यहाँ भी हैल्थ मिनिस्टर व विभाग के मुखिया को वैकल्पिक व्यवस्था स्थापित करके ही इन डाक्टरों के आगामी आदेश जारी करने चाहिए थे।

पूर्व विधायक ने कहा प्राप्त जानकारी के मुताबिक सिविल होस्पीटल पालमपुर की ओ पी डी जोनल होस्पीटल धर्मशाला से ज्यादा है। ऐसे में एक साथ महिला रोग , शिशु , हड्डी , चमड़ी व बेहोश करने वाले विशेषज्ञों के एक साथ चले जाने से तमाम अस्पताल की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होकर रह गई है । परिणामस्वरूप गर्भवती महिलाओं , नन्हे बच्चों की माताओं , अकास्मिक दुर्घटनाओं से प्रभावितों व आपरेशन ( शल्य चिकित्सा) की श्रेणी में लगे रोगियों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए यहाँ स्वास्थय मन्त्री , प्रधान सचिव हैल्थ व निदेशक को उपरोक्त डॉक्टरों की इस तरह की चिन्ता के साथ साथ प्रभावित रोगियों की भी पीड़ा एवं दुख दर्द को लेकर मानवता का परिचय देना चाहिए था ।

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