देव भूमि आई हॉस्पिटल तारागढ़ को ECHS मंजूरी, पूर्व सैनिकों के लिए नेत्र चिकित्सा में नया अध्याय

Dr S K Sharma
Dr. S.K. SHARMA, DIRECTOR
Dr S K Sharma
Dr Sushama Sood
Dr. Sushma women care hospital, LOHNA PALAMPUR
DENTAL RADIANCE HOSPITAL
In DENTAL RADIANCE HOSPITAL PALmpur
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Dr. Swati Katoch Sood, & Dr. Anubhav Sood, Gems of Dental Radiance
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देव भूमि आई हॉस्पिटल तारागढ़ को ECHS मंजूरी, पूर्व सैनिकों के लिए नेत्र चिकित्सा में नया अध्याय

देव भूमि आई हॉस्पिटल, तारागढ़ को आधिकारिक तौर पर पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS approved) के तहत मान्यता मिल गई है। इस मान्यता के साथ अस्पताल अब सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके परिवारों को उन्नत और सुलभ नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा। पूर्व सैनिक अब मोतियाबिंद ऑपरेशन, रेटिना देखभाल, ग्लूकोमा प्रबंधन और लेज़र प्रक्रियाओं जैसी सुविधाओं का लाभ घर के पास ही उठा सकेंगे, बिना दूर शहरों की यात्रा किए।

वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. एस.के. शर्मा से बातचीत

इस उपलब्धि के पीछे की कहानी समझने के लिए HR Media Network के प्रधान संपादक राजेश सूर्यवंशी ने डॉ. एस.के. शर्मा, वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ और देव भूमि आई हॉस्पिटल के निदेशक, से बातचीत की।
राजेश सूर्यवंशी: डॉ. शर्मा, आप डॉ. एस.के. शर्मा के नाम से जाने जाते हैं और आपकी आंखों की देखभाल में पचास साल से अधिक का अनुभव है। अपने करियर को आप कैसे देखते हैं?
डॉ. एस.के. शर्मा: यह एक लंबा और संतोषजनक सफर रहा है। मैंने भारत में नेत्र चिकित्सा को बेहद साधारण सुविधाओं से लेकर अत्याधुनिक तकनीक तक बदलते देखा है। उतार-चढ़ाव तो आए, लेकिन प्रगति अविश्वसनीय रही।
राजेश सूर्यवंशी: आपके लिए इस क्षेत्र में कौन-से बदलाव सबसे खास रहे?
डॉ. एस.के. शर्मा: पहले ऑपरेशन धीरे और मैनुअल होते थे। अब हम प्रिसिजन लेज़र, उन्नत इमेजिंग और सूक्ष्म सर्जिकल तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। परिणाम तेजी से, सुरक्षित और विश्वसनीय हैं।
राजेश सूर्यवंशी: आपका अस्पताल आधुनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कितना तैयार है?
डॉ. एस.के. शर्मा: देव भूमि आई हॉस्पिटल अब पूरी तरह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है और हमारे पास डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की पूरी टीम है। हम हर मरीज, विशेषकर पूर्व सैनिकों को बेहतरीन इलाज देने के लिए तैयार हैं।
राजेश सूर्यवंशी: तकनीक ने मरीजों के इलाज में कैसे मदद की है?
डॉ. एस.के. शर्मा: तकनीक ने इलाज की गुणवत्ता पूरी तरह बदल दी है। आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण हमें जल्दी समस्या पहचानने में मदद करते हैं और उन्नत सर्जिकल मशीनें सटीक और सुरक्षित ऑपरेशन सुनिश्चित करती हैं।
राजेश सूर्यवंशी: युवा नेत्र विशेषज्ञों के लिए आपका संदेश क्या होगा?
डॉ. एस.के. शर्मा: सीखना कभी बंद न करें। नेत्र चिकित्सा तेजी से बढ़ रही है और नई तकनीकों के साथ अपडेट रहना जरूरी है। मरीजों के प्रति सहानुभूति और धैर्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
क्षेत्रीय प्रभाव
इस ECHS मंजूरी से हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों के 15 लाख से अधिक पूर्व सैनिक और उनके परिवार लाभान्वित होंगे। यह मान्यता आयुष्मान भारत और पीएम-जय जैसी योजनाओं के तहत अस्पताल की प्रतिष्ठा और भरोसे को और मजबूत करती है।
पूर्व सैनिक संघों ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे अपने समुदाय के लिए ऐतिहासिक बताया है। कई परिवारों के लिए यह अस्पताल पास में होने से यात्रा कम होगी, खर्च घटेगा और इलाज समय पर मिलेगा।
निष्कर्ष
डॉ. एस.के. शर्मा का सफर और देव भूमि आई हॉस्पिटल का विकास भारत में नेत्र चिकित्सा की प्रगति का परिचायक है। ECHS मान्यता के साथ यह अस्पताल न केवल चिकित्सा में प्रगति का प्रतीक है, बल्कि उन वीर सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान और सेवा में भी महत्वपूर्ण भागीदार बन गया है।

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