मैडम कमलेश ठाकुर को सदा याद किया जाएगा जब भी कहीं बात चलेगी देहरा के विकास की, मुख्यमंत्री सुक्खू की भी हो रही जय जयकार

Dr Shiv Kumar, Father of Rotary Eye Hospiral, Internationally acclaimed Social Worker & Founder CHAIRMAN, Rotary Eye Foundation
ROTARY EYE HOSPITAL : THE VEST EYE HOSPITAL IN HIMACHAL PRADESH
ROTARY EYE HOSPITAL MARANDA
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Dr. Sudhir Salhotra, TOP TEN Retina Surgeon of India, Director, Rotary Eye Hospital, Maranda

 

Rotary GM
Rotary Eye Hospital Maranda Palampur

मूहल को मिला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र – जनआवाज को मिली दिशा

RAJESH SURYAVANSHI, Editor-in-Chief, HR Media Group, Founder Chairman Mission Against Corruption Society, H.P. Mob 9418130904

ग्राम पंचायत मूहल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की स्थापना की स्वीकृति कोई साधारण निर्णय नहीं, बल्कि जनसरोकारों की जीत और लोकतंत्र की जड़ें गहरी होने का प्रतीक है। वर्षों से स्थानीय लोग इस स्वास्थ्य सुविधा की मांग करते रहे, पर यह आवाज़ कई बार राजनीतिक गलियारों में गूंजकर भी अनसुनी रह गई। लेकिन इस बार, देहरा उपचुनाव के दौरान ग्राम प्रधान सुभाष भँगालिया द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाई गई मांग को स्थानीय विधायक श्रीमती कमलेश ठाकुर ने गंभीरता से लिया और उसे मंज़िल तक पहुँचाया।

KAMLESH THAKUR WITH CM SUKHU

यह फैसला बताता है कि यदि जनप्रतिनिधि संकल्प और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, तो जनता के मुद्दे सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि धरातल पर उतरते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना से न केवल मूहल पंचायत के लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलेगी, बल्कि आसपास के ग्रामीणों को भी राहत मिलेगी। छोटे-छोटे रोगों के इलाज के लिए अब लोगों को दूर देहरा या टांडा अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय, संसाधन और जीवन – तीनों की बचत होगी।

Sukhu sarkar

इस निर्णय का राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट है। यह कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिन्होंने मुख्यमंत्री से तालमेल बनाकर यह मांग पूरी करवाई। यह घटना उन राजनेताओं के लिए भी संदेश है जो केवल चुनावी मौसम में वादे करते हैं और बाद में भूल जाते हैं।

मूहल की जनता ने इस फैसले पर जो प्रतिक्रिया दी, वह भी उम्मीद जगाती है। जब लोग जागरूक होकर अपने जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही मांगते हैं और सही प्रयासों की सराहना करते हैं, तो लोकतंत्र सशक्त होता है।

साथ ही यह भी ज़रूरी है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना महज़ उद्घाटन तक सीमित न रहे। इसके संचालन, स्टाफ की नियुक्ति, दवाओं की उपलब्धता और नियमित निगरानी की जिम्मेदारी भी प्रशासन को पूरी गंभीरता से निभानी होगी।

अंततः, यह निर्णय एक सकारात्मक संकेत है कि जनहित की आवाज़ जब संगठित होकर उठती है और नेतृत्व ईमानदार होता है, तो परिवर्तन संभव है। मूहल जैसे क्षेत्रों में ऐसे निर्णय न केवल सुविधाएं लाते हैं, बल्कि एक नई उम्मीद और विश्वास का संचार भी करते हैं – एक बेहतर, जवाबदेह और जनमुखी शासन की ओर।

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