समाज सेवा में समर्पित इन्साफ संस्था द्वारा आज अपना अष्टम वन महोत्सव पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत गांव भलेड ( कलूण्ड ) में मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफेसर अशोक कुमार सरयाल निवर्तमान बाईस चांसलर चौधरी कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर , कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री पी सी कटोच सेवानिवृत्त आई ए एस अधिकारी , विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री चमेल सिंह रिटायर्ड आई ए एस , पूर्व उप कुलपति जे एण्ड के डाक्टर प्रदीप शर्मा व पी सी कौशल पूर्व आई एफ एस की गरिमामयी उपस्थिति रही । मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा पौधा रोपण करने के उपरान्त इस बार संस्था ने कार्यक्रम के स्वरुप को बदलते हुए सभी प्रतिनिधियों को एक पौधा एक छाता , मां के नाम पेड़ की नेम प्लेट भेंट करते हुए सभी से अपने अपने नाम की वन वाटिका तैयार करने का आह्वान किया । होटल जय भलेड ( कलूण्ड ) में आयोजित समारोह में संस्था की तमाम गतिविधियों का तमाम लेखा जोखा इन्साफ के अध्यक्ष एवं पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने मुख्य अतिथि एवं उपस्थित प्रतिनिधियों के समक्ष रखा व आगामी Stepmom की जानकारी दी । इस मोके पर मुख्य अतिथि अशोक कुमार सरयाल के भाषण के अंश :-

मात्र छ वर्षों के छोटे से अन्तराल में सराहनीय कार्यों के चलते समाज सेवा में समर्पित इन्साफ ने बहुत बड़ा नाम कमा लिया है। इसके लिए मैं संस्था के अध्यक्ष प्रवीन कुमार सहित तमाम प्रतिनिधियों को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ । सर्वप्रथम यह पढ़कर मुझे बेहद प्रसन्नता हुई कि आवारा , वे सहारा गऊ वंश व किसानों के खेतों की निरन्तर उजाड के दृष्टि गत संस्था के अथक प्रयासों से पालमपुर हल्के में काऊ सैन्चयूरी का निर्माण हुआ ।
पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत जिन रणबांकुरों ने मातृ भूमि की रक्षा करते करते अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया उनकी कुर्बानी , बलिदान व शहादत को हमेशा हमेशा के लिए याद रखने हेतु इन्साफ संस्था संकल्पित एवं कटिबद्ध है। इसी कड़ी में संस्था के प्रयासों से ही भारत वर्ष के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ जी के पैतृक गाँव डाढ , दूसरे परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम वत्तरा जी के नाम विन्द्रावन व 1962 भारत- चीन ,1971 भारत – पाक व कारगिल युद्ध में शहीद हुए शूरवीरों के नाम वन वाटिकाएं अर्थात वन विहार लाहला में बनने जा रहे हैं। यही नहीं नब्बे के दशक में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शान्ता कुमार जी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री चन्द्र शेखर जी के कर कमलों से वन लगाओ , रोजी कमाओ जैसी महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया था । इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से इन्साफ संस्था वहाँ भी चन्द्र शेखर जी के नाम की वन वाटिका बनाने जा रही है। इसके अतिरिक्त चोक्की व भयभुंजनी गढ माता मन्दिर परिसर में वन महोत्सव के ही माध्यम से वन वाटिका एवं नवग्रह वाटिका जैसे पर्यावरण सरंक्षण के ऊपर संस्था अति सराहनीय कार्य कर रही है।
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट

स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत विन्द्रावन के जंगल में गन्दगी का सबसे बड़ा अड्डा नरक बनकर रह गया था । यहाँ के क्षेत्र वासियों का जीना हराम हो गया था। इस इलाके से गुजरने वाले हर राहगीर को नाक दबाकर निकलना पडता था । इन्साफ संस्था ने यहाँ इस गन्दगी पर हाथ डालकर कई दिनों तक स्वच्छ भारत मिशन अभियान की मिसाल पेश की ओर इर्द गिर्द की जनता ओर खासकर विन्द्रावन के स्कूलों में पढने वाले बच्चो को इस नरक भरे जीवन से मुक्ति दिलाई ।
इन्साफ संस्था के ही माध्यम से शिखर पहाड़ी पर स्थित सिद्ध शक्ति पीठ मां आदि हिमानी चामुण्डा के दस किलोमीटर लम्बे पैदल रास्ते पर 175 सोलर लाईटें लगने से सारे का सारा
धोलाधार वैष्णो देवी माता की तरह जगमगा उठता है। इन्साफ संस्था की इस अनूठी पहल के लिए संस्था को बहुत बहुत बधाई ।
मैं इन्साफ संस्था के साथ जुडे उन तकनीकी अधिकारियों अर्थात टैक्नोक्रेटस को भी बहुत बहुत साधु वाद देना चाहूँगा जिन्होंने अपनी योग्यता के आधार पर एक ऐसी डी आर बनाई है। जो कि निकट भविष्य में पर्यटन को चार चांद व स्वरोजगार के लिए वरदान सिद्ध होगी ।
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