अब मुख्यमंत्री सुक्खू के लिए स्वर्णिम अवसर, हमीरपुर की तर्ज पर पालमपुर में भी अपनी दूरदर्शी सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल नियुक्त करें वाइस चांसलर्

बहुत हो चुका विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ घिनौना खेल

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मुख्यमंत्री को मिलनी चाहिए बधाई: कुलपति नियुक्ति में साहसिक कदम उठाएं, अब और देरी नहीं

Rajesh Suryavanshi, Editor-in-Chief, HR MEDIA GROUP, CHAIRMAN : Mission Again st CURRUPTION, H.P., Mob : 9418130904, 898853960)

✍️शिमला : राजेश सूर्यवंशी, एडिटर-इन-चीफ़, HR मीडिया ग्रुप

हिमाचल प्रदेश की उच्च शिक्षा प्रणाली इस समय गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। विशेषकर पालमपुर स्थित चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय (CSK HPKV) और नौनी सोलन स्थित हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पिछले दो वर्षों से नियमित कुलपति की नियुक्ति नहीं हो पाई है। यह स्थिति न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है, बल्कि विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था भी चरमराई हुई है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस गंभीर स्थिति को भली-भांति समझते हैं और उन्होंने दो बार विधानसभा में विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पारित करवाया, ताकि जिन संस्थानों का खर्चा प्रदेश सरकार वहन करती है, उनके कुलपति भी सरकार द्वारा ही नियुक्त किए जाएं। यह एक तर्कसंगत, लोकतांत्रिक और पारदर्शी मांग है। परंतु राज्यपाल ने अब तक दोनों विधेयकों को स्वीकृति नहीं दी, और उन्हें दबाकर रखा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को गहरा नुकसान हुआ है।

हद तो तब हो जाती है जब राज्यपाल महोदय यह अधिकार अपने पास रखते हुए बार-बार कुलपति पद पर अपनी पसंद के व्यक्ति को बैठाने की कोशिश करते हैं। आखिर यह ज़िद क्यों? क्यों एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को किसी विशेष व्यक्ति को कुलपति बनाने में इतनी रुचि है? क्या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत लाभ, कोई दबाव या कोई अन्य कारण छिपा हुआ है? इन सवालों ने राज्य की जनता और विद्यार्थियों के मन में गहरी शंका और रोष पैदा कर दिया है।

अब समय आ गया है कि मुख्यमंत्री सिर्फ हमीरपुर तकनीकी विश्वविद्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि CSK HPKV पालमपुर और हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी नौनी, सोलन में भी नियमित कुलपति की तुरंत नियुक्ति करें और स्वयं इन संस्थानों के चांसलर बनें। राज्यपाल को अब इस संवेदनशील शैक्षणिक प्रकरण से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। वह पहले ही हिमाचल सरकार का काफ़ी समय बर्बाद कर चुके हैं और विद्यार्थियों को भारी नुकसान पहुंचा चुके हैं।

प्रभावी कदम परम आवश्यक

अब विद्यार्थी और अभिभावक अब और देर बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो छात्रों को आंदोलन के रास्ते पर उतरने से कोई नहीं रोक पाएगा। मुख्यमंत्री ने जिस तरह हमीरपुर में नेतृत्व दिखाया, उसी साहसिकता से पालमपुर और सोलन में भी कदम उठाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री को इस साहसिक और स्पष्ट रुख़ के लिए बधाई दी जानी चाहिए। अब जरूरत है कि वे राज्यपाल के अड़ंगे को दरकिनार करते हुए प्रदेश की युवा पीढ़ी के भविष्य को प्राथमिकता दें और एक नया इतिहास रचें क्योंकि पहले भी 45 वर्ष से जो विसंगतियां कुलपतियों की नियुक्ति में बरती जा रही है उसे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह ने ही दूर किया है विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पारित करवा कर और यह कदम बधाई योग्य है। इसके लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की जितनी तारीख की जाए कम है।

Dr Shiv Kumar, Father of Rotary Eye Hospiral, Internationally acclaimed Social Worker & Founder CHAIRMAN, Rotary Eye Foundation
Dr. Sudhir Salhotra, TOP TEN Retina Surgeon of India, Director, Rotary Eye Hospital, Maranda
Rotary GM
ROTARY EYE HOSPITAL MARANDA
ROTARY EYE HOSPITAL : THE VEST EYE HOSPITAL IN HIMACHAL PRADESH

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