





डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल पालमपुर के कक्षा पाँचवीं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य-गीत वास्तव में दर्शकों के मन को छू लेने वाला रहा। इस प्रस्तुति में यह सशक्त संदेश दिया गया कि आज की बेटियाँ ही भारत का भविष्य हैं। संघर्षों से शक्ति तक की उनकी यात्रा न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज को यह भी याद दिलाती है कि यदि बेटियों को अवसर मिले तो वे हर क्षेत्र में असाधारण सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम में दिखाया गया कि किस प्रकार एक बालिका माँ के रूप में स्नेह देती है, शिक्षक के रूप में मार्गदर्शन करती है, और एक गाइड के रूप में जीवन की सही राह दिखाती है। प्रस्तुति में लड़कियों की बहुआयामी भूमिकाओं को अत्यंत सुंदरता से प्रस्तुत किया गया। खासकर वह दृश्य, जिसमें उन्हें भारतीय सेना की पायलट बनकर लड़ाकू विमानों (फाइटर जेट्स) को उड़ाते हुए दिखाया गया, दर्शकों में रोमांच और गर्व की भावना भर गया। यह दृश्य संदेश देता है कि बेटियाँ न केवल घर-परिवार बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और गौरव का दायित्व भी बखूबी संभाल सकती हैं।
नृत्य-गीत में यह स्पष्ट रूप से उभरा कि विज्ञान, खेल, कला, प्रशासन, सेना, शिक्षा—हर क्षेत्र में बेटियाँ अपने प्रतिभा और मेहनत से देश का नाम रोशन कर रही हैं। इसलिए उन्हें पूरा सम्मान, गरिमा और उनके सभी अधिकार पूरे मन से प्रदान किए जाने चाहिए। जब उन्हें समान अवसर और सम्मान मिलता है तो वे न सिर्फ स्वयं आगे बढ़ती हैं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के विकास की दिशा बदल देती हैं।
वार्षिक सांस्कृतिक समारोह के समापन दिवस पर प्रस्तुत इस कार्यक्रम की सभी ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। अभिभावकों, शिक्षकों और अतिथियों ने एकमत होकर कहा कि ऐसी प्रस्तुतियाँ न केवल प्रतिभा को मंच देती हैं, बल्कि समाज को सही सोच की प्रेरणा भी देती हैं। पाँचवीं कक्षा के इन बच्चों ने अपनी मासूम ऊर्जा, आत्मविश्वास और प्रभावशाली प्रस्तुति से यह सिद्ध कर दिया कि भारत का भविष्य सचमुच उज्ज्वल है—और इस उजाले में बेटियाँ सबसे चमकदार रोशनी के रूप में उभर रही हैं।
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