बेहतर होता परोर – खड़ोट पंचायतें इसी परिसर पर विकास में जन सहयोग योजना के तहत बनी इतनी बडी इमारत पर अपना हक जताने के लिए आमने सामने आती :- प्रवीन कुमार पूर्व विधायक .

बेहतर होता परोर – खड़ोट पंचायतें इसी परिसर पर विकास में जन सहयोग योजना के तहत बनी इतनी बडी इमारत पर अपना हक जताने के लिए आमने सामने आती :- प्रवीन कुमार पूर्व विधायक ………

Er. VARUN SHARMA, BUREAU CHIEF, PALAMPUR, Mob : 9817 999992

. आज कल परोर – खडोट पंचायतें इसी इमारत परिसर से मिट्टी निकाले जाने को लेकर आमने सामने हैं । मिट्टी निकाली , फोर लाइन सड़क के ही निर्माण कार्य पर डाली कोई जमीन पर थोड़ी कब्जा हो गया । बेहतर होता ये पंचायतें इस मिट्टी को उठाने के बजाए इसी परिसर में विकास में जन सहयोग योजना के अन्तर्गत बनी इतनी बड़ी इमारत पर अपना हक जताते हुए इसकी सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर आमने सामने आती । यह प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाज सेवा में समर्पित इन्साफ संस्था के अध्यक्ष एवं पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने इन पंचायतों को स्मरण करवाया कि किस तरह नब्बे के दशक में इसी प्रांगण की तय जमीन को लेकर कितना बड़ा जन आन्दोलन हुआ था। किस तरह इस प्रांगण की शिक्षा विभाग के नाम दर्ज जमीन को लेकर तत्कालीन खडोट पंचायत के प्रधान पंडित ओंकार नाथ शर्मा जी के नेतृत्व में संघर्ष समिति का गठन हुआ ओर उसमें बतौर महामंत्री हम अठारह पंचायतों की जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरे थे । प्रवीन कुमार ने कहा 36 दिनों तक भूखे प्यासे कभी अनशन पर तो कभी सड़क तो कभी थाने की दहलीज पर किस तरह इस आन्दोलन ने उग्र रुप धारण किया था । अन्ततोगत्वा उस वक्त की राजा वीरभद्र सिंह सरकार इतने बड़े आन्दोलन के रूख के आगे झुकी थी ओर यहाँ कालेज बनाने की घोषणा की थी । उसके उपरान्त विधानसभा के चुनाव आ गये प्रदेश में प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल जी के कुशल नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी । जैसे ही नयी सरकार का पहला शरद कालीन सत्र धर्मशाला में तय हुआ । उस वक्त परोर में राष्ट्रीय उच्च मार्ग से गुजरते इसी संघर्ष समिति ने अंधाधुंध जनसंख्या की उपस्थिति में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल जी का ढोल , नगाड़ों व बैण्ड बाजे के साथ अदभुत अन्दाज में स्वागत किया था।

पूर्व विधायक ने कहा उस समय आपार जन सलाव को देखकर प्रो प्रेम कुमार धूमल जी ने कहा इतनी जनता तो खुद ही भवन बना सकती है । आप भवन बनाओ , सरकार आपको कालेज देगी । प्रवीन कुमार ने कहा इस तरह सरकार की चुनौती को स्वीकार करते हुए संघर्ष समिति ने थैला कन्धे पर उठाकर सर्वप्रथम श्रीमति सरला भण्डारी , कुलदीप सिंह गुलेरिया , सन्तोष जम्वाल निवासी दरंग व राजेन्द्र कानूनगो परोर से 51000- 51000 रुपये से शुरुआत करके गांव गांव में जाकर धन संग्रह का अलख जगाया ओर विकास में जन सहयोग योजना के अन्तर्गत लाखों रुपये की यह इतनी बड़ी इमारत बनवाई । पूर्व विधायक ने कहा यह सर्वविदित है इस तरह सरकार द्वारा ग्रामीण जनता को दी गयी चुनौती अर्थात परख के आगे झुकना पड़ा ओर नये कालेज के बजाए पालमपुर के कालेज को यहाँ शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिये गये । वाद में अमर शहीद परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम वत्तरा के नाम इस कालेज को लेकर शहीद के पिता श्री जी एल वत्तरा जी की तर्कसंगत फरियाद के आगे सरकार को झुकना पडा ओर यही कालेज फिर पालमपुर स्थानांतरित हो गया । पूर्व विधायक ने कहा कुल मिलाकर तव से अर्थात ढाई दशक से यह भवन सरकारों के आवागमन की नालायकी पर आंसू बहा रहा है। पूर्व विधायक ने उपरोक्त दोनों पंचायत के प्रतिनिधियों से कहा है कि मिट्टी उठाने के विवाद को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाने के बजाय इस भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाएं । इतनी शानदार इमारत की छत पर बिछाई गई टीन को जंग खाये जा रहा है। ऐसे में यह बिल्डिंग विकास में जन सहयोग योजना के अन्तर्गत हम सभी के अथक प्रयासों व आर्थिक सहयोग से बनी है। यह हम सभी का सामुहिक भवन है या तो इस भवन को दोनों पंचायतें मिलकर मिनी सचिवालय के रूप में या मांगलिक कार्यों के लिए नियमों एवं माप दण्डों के अनुरूप आवेदन कर व्यवसायिक गतिविधियों का तत्वाधान बनाएं । जिससे कि प्राकृतिक के आपार सौन्दर्य से भरपूर यह भवन दोनों पंचायतों के लिए आय का साधन बन सके ।
कैप्सन :- संघर्ष समिति द्वारा विकास में जन सहयोग योजना के अन्तर्गत बनाए गये भवन में बिछाई ग ई टीन को किस तरह जंग खाये जा रहा है।

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