पद्मश्री पुरस्कार के लिए घोषित डाक्टर प्रेम लाल गौतम जी के आवास पर पहुँच कर पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने दी बधाई

पद्मश्री पुरस्कार के लिए घोषित डाक्टर प्रेम लाल गौतम जी के आवास पर पहुँच कर पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने दी बधाई

Er. VARUN SHARMA, BUREAU CHIEF, PALAMPUR, Mob : 9817 999992

कोन कहता है फरियाद नहीं सुनता किसी की , क्या मेहनत भी जाती है बरबाद किसी की । यह पंक्तियाँ सटीक उतरती हैं , 77 वें गणतन्त्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्मश्री पुरस्कार के लिए घोषित पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत विन्द्रावन हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के निवासी डा प्रेम लाल गौतम के ऊपर ।

INDIA REPORTER TODAY (IRT)

यह विचार पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने हाउसिंग कॉलोनी विन्द्रावन स्थित डाक्टर प्रेम लाल गौतम जी के आवास पर पहुंच कर बधाई देते हुए व्यक्त किये । पूर्व विधायक के साथ विस्तृत चर्चा के उपरान्त डाक्टर गौतम जी के शानदार प्रोफाइल में वर्तमान में राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (बिहार) के कुलाधिपति हैं। इन्होंने सफलता की पहली पीढ़ी बीएससी (कृषि), सोलन, हिमाचल प्रदेश (विश्वविद्यालय पदक विजेता)
एम.एससी. (आनुवंशिकी), आई ए आर आई, नई दिल्ली , पी एच.डी. (आनुवंशिकी), आई ए आर आई, नई दिल्ली ।
डॉ. पी. एल. गौतम एक प्रतिष्ठित आनुवंशिकीविद , पादप प्रजनक, शिक्षाविद, अनुसंधान प्रबंधक और संस्था निर्माता हैं । इनका कैरियर लगभग पांच दशकों तक फैला हुआ है। उन्होंने जी बी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में सहायक प्रोफेसर के रूप में अपना कैरियर शुरू किया और जीबीपीयूए एंड टी के कुलपति, पीपीवी एंड एफआरए के अध्यक्ष, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के अध्यक्ष, आईसीएआर के उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), एनबीपीजीआर के निदेशक, कॉलेज ऑफ फॉरेस्ट्री (सोलन) के डीन, उत्तराखंड सीड्स कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक और कैरियर प्वाइंट विश्वविद्यालय के कुलपति जैसे नेतृत्व पदों पर आसीन हुए ।


इसके अतिरिक्त हमीरपुर के मानद प्रो-चांसलर; शिवशक्ति स्कूल, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष ,और सतत विकास के लिए सामुदायिक लामबंदी सोसायटी के मुख्य संरक्षक हैं ।
डाक्टर गौतम जी द्वारा 12 उन्नत फसल किस्मों का विकास किया (गेहूं, फॉक्सटेल बाजरा, सोयाबीन, राइसबीन, अमरंथ, बकव्हीट) चावल के दो जर्मप्लाज्म अभिगमों को पंजीकृत व बौद्धिक संपदा अधिकार व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय हित में बासमती चावल के मानकों को पुनर्परिभाषित किया गया। इन्हीं के प्रयासों से भारत में जर्मप्लाज्म पंजीकरण प्रणाली शुरू की गयी । इसी के साथ जैविक विविधता अधिनियम और पीपीवी एवं एफआर अधिनियम के मसौदा तैयार करने और कार्यान्वयन में इनका अति सराहनीय योगदान रहा है। इन्हीं के अथक प्रयासों से भारत में पादप आनुवंशिक संसाधन में पहला स्नातकोत्तर कार्यक्रम (आईए आर आई- एन बीपीजी आर) शुरू किया गया। कृषि जैव विविधता प्रबंधन, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पर आईसीए आर-एनएटीपी अन्वेषणों और राष्ट्रीय मिशनों का नेतृत्व किया।एफएओ-आईटीपीजीआरएफए और सीबीडी वार्ता में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इन्होंने किसानों के अधिकारों और टर्मिनेटर जीन पर रोक लगाने का समर्थन किया । एफएओ-आईटीपीजीआरएफए के 5वें सत्र के सह-अध्यक्ष
जर्मनी स्थित ग्लोबल क्रॉप डायवर्सिटी ट्रस्ट के कार्यकारी बोर्ड सदस्य एफएओ सलाहकार (मंगोलिया) मान्यताएँ और सम्मान फेलोशिप: आईएसजीपीबी, एनएएएस, एनएबीएस, आईएसपीजीआर, आईएसएनएस; आईएएचएस और आईएसपीजीआर के मानद फेलो , लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल गोल्ड मेडल , उत्तरांचल रत्न , लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड , कृषि नेतृत्व पुरस्कार , इंदिरा गांधी सद्भावना पुरस्कार , डॉ. एस. राधाकृष्णन शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार और एबी जोशी मेमोरियल लेक्चर अवार्ड मानद डॉक्टरेट , डी.एससी. (ऑनोरिस कॉसा), एनडीयूएटी फैजाबाद और स्कुआस्ट जम्मू) कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश में अपने ग्रामीण परिवेश से लेकर राष्ट्रीय और वैश्विक कृषि नीति को आकार देने तक, डॉ. गौतम ने फसल सुधार, जैव विविधता संरक्षण, कृषि शिक्षा, किसानों के अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं में अमिट प्रभाव छोड़ा है। पूर्व विधायक ने कहा वह ओर गौतम जी दोनों विन्द्रावन के निवासी है । यह हिमाचल प्रदेश , भारतवर्ष ओर खासकर विन्द्रावन के लिए बहुत बड़े गर्व एवं गौरव का विषय है। इस सुअवसर पर पूर्व विधायक ने डाक्टर गौतम जी को इनके शानदार प्रोफाइल , सफर , अथक परिश्रम , सादगी , बडपन व इस सर्वोच्च पुरस्कार के लिए तमाम विन्द्रावन व पालमपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता की तरफ से बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं दी ।
कैप्सन : – डाक्टर प्रेम लाल गौतम को पद्मश्री पुरस्कार के लिए बधाई देते हुए पूर्व विधायक प्रवीन कुमार साथ में उनकी धर्मपत्नी , विन्द्रावन हाउसिंग कॉलोनी के अध्यक्ष कर्नल शक्ति शर्मा ।

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