कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए ‘अलोहा’ फेयरवेल के अंतर्गत भावनात्मक विदाई समारोह आयोजित

कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए ‘अलोहा’ फेयरवेल के अंतर्गत भावनात्मक विदाई समारोह आयोजित

पालमपुर

Rajesh Suryavanshi, Editor-in-Chief, HR MEDIA GROUP, CHAIRMAN : Mission Again st Corruption, H.P., Mob : 9418130904, 898853960)

 

कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, पालमपुर के प्रांगण में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य, गरिमामय एवं भावनाओं से ओत-प्रोत ‘अलोहा’ फेयरवेल के अंतर्गत विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण स्नेह, स्मृतियों और शुभकामनाओं से सराबोर दिखाई दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

इसके पश्चात कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने अपने सीनियर साथियों के सम्मान में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने सभी उपस्थितजनों का मन मोह लिया। नृत्य, गीत एवं भावनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से जूनियर्स ने अपने सीनियर्स के प्रति अपना प्रेम और आदर व्यक्त किया।

विदाई की इस बेला में विद्यार्थियों के मन में जहाँ भविष्य के नए सपनों और लक्ष्यों को लेकर उत्साह था, वहीं अपने प्रिय शिक्षकों, मित्रों और विद्यालय से बिछड़ने की कसक भी साफ झलक रही थी। विद्यार्थियों ने विद्यालय में बिताए गए अपने सुनहरे पलों और खट्टी-मीठी यादों को साझा किया, जिससे पूरा वातावरण भाव-विभोर हो उठा।

इस फेयरवेल में मिस्टर फेयरवेल के रूप में सोहम जरियाल और मिस फेयरवेल के रूप में अंशिका संकारिया का चयन किया गया,

विद्यालय की प्रिंसिपल प्रिया कपिल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि,

“आप सभी हमारे विद्यालय की पहचान और गौरव हैं। यहाँ से प्राप्त शिक्षा, संस्कार और मूल्य आपके जीवन की सबसे बड़ी पूँजी हैं। जीवन में चाहे कितनी भी चुनौतियाँ आएँ, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच को कभी न छोड़ें। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप जहाँ भी जाएँगे, अपने कर्म और चरित्र से विद्यालय का नाम रोशन करेंगे। याद रखिए, आप एक झील बनकर नहीं, बल्कि समुद्र बनकर उभरेंगे।”

कार्यक्रम के अंत में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को स्नेहपूर्ण लंच एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक कामना की गई। इस अवसर पर विद्यालय का हर कोना भावनाओं से भर उठा—मुस्कान के पीछे छिपी नम आँखें और भारी मन इस बात के साक्षी बने कि विद्यालय से जुड़ी यादें जीवन भर हृदय में जीवित रहेंगी। विदाई की इस मार्मिक घड़ी में शिक्षकों ने अपने स्नेह और आशीर्वाद के साथ विद्यार्थियों को जीवन की नई यात्रा के लिए विदा किया, इस विश्वास के साथ कि वे जहाँ भी जाएँगे, अपने विद्यालय के संस्कारों, मूल्यों और गरिमा को सदैव अपने साथ लेकर चलेंगे।

Comments are closed.